अध्याय 282

उसने दरवाज़ा धक्का देकर खोला, और उपकरणों की जानी-पहचानी भनभनाहट सीधे आकर उससे टकराई।

काम में जुटे कुछ सहकर्मियों ने सिर उठाकर देखा। उसे देखते ही उनके चेहरों पर हल्की-सी झेंप आ गई।

उसने औपचारिक बातें करने की ज़हमत नहीं उठाई। सीधे उस लैब-बेंच तक चली गई, जिस पर वह लंबे समय से नहीं बैठी थी, अपना सामान...

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